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कांग्रेस का अंदरूनी सर्वे हो गया LEAK, खुद के ही नेताओं को लेकर जो आंकड़े सामने आये है वो देख दंग रह जाओगे

इस साल के अंत में मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले है. देश की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियों की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हुई है. आजतक पर प्रकाशित एक सर्वे के मुताबिक़ अधिकतर लोग शिवराज सिंह चौहान को ही फिर मुख्यमंत्री बनाना चाहते है लेकिन कुछ लोगों ने बदलाव की भी बात कही है. मगर अब कांग्रेस का एक हैरान कर देने वाला अंदरूनी सर्वे सामने आया है जिसके आधार पर बड़ा दावा किया जा रहा है. सर्वे के मायने और आंकड़े देख आप भी सोच में पड़ जाओगे.

Source-loksatta.com

जानकारी के लिए बता दें कि कुछ समय पहले कैम्ब्रिज एनालिटिका से जुडा एक बड़ा स्कैंडल सामने आया था, जिसमें इस कंपनी पर फेसबुक से डेटा इकट्ठा कर राजनीतिक परिणामों को प्रभावित करने का आरोप लगा था. कांग्रेस पार्टी के भी कैम्ब्रिज एनालिटिका के साथ संबंध सामने आये थे और इस पर खूब बवाल मचा था. अब एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि क्या कांग्रेस कुछ इसी तरह के स्कैंडल के जरिये मध्य प्रदेश के चुनाव में फायदा लेना चाहती है. यह सवाल कांग्रेस के एक अंदरूनी सर्वे के लीक होने के बाद उठने लगा है.

दरअसल कांग्रेस का एक अंदरूनी दस्तावेज़ बीजेपी प्रवक्ता सुरेश नाखुआ के हाथ लगा है जिसमें मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की लोकप्रियता को लेकर सर्वे किया गया है. इस दस्तावेज़ की माने तो यह सर्वे ही वो कारन है जिसके चलते चुनाव से पहले कांग्रेस मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा नही कर करने वाली है. बीजेपी प्रवक्ता सुरेश नाखुआ के हाथ लगे इस सर्वे को Emerdata नाम की कम्पनी ने किया है. इस सर्व में पांच नेताओं को शामिल किया गया था जिमसें ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ, अजय सिंह, दिग्विजय सिंह और बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान को शामिल किया गया था. सामने आये इस सर्व में सभी फैक्टर में शिवराज सिंह चौहान बाज़ी मारते दिखाई दे रहे हैं. मगर बात यहीं ख़त्म नहीं होती है.

इस सर्वे में जिन मुद्दों को जोड़ा गया था, वो भी काफी दिलचस्प है. मतदाता स्वीकार्यता, वोटर के प्रति सहानुभूति, किस नेता के जीतने के चांस ज्यादा है, कौन गरीबो का समर्थक है, मुस्लिमों में किस नेता की पकड़ ज्यादा है, भ्रष्टाचार, विकासवान जैसे मुद्दों को सर्वे में शामिल किये जाने से एक बात यह स्पष्ट हो जाती है कि कांग्रेस किसी भी तरीके से सत्ता में आना चाहती है. साम्प्रदायिकता कांग्रेस की राजनीति का बड़ा हिस्सा रही है और यह दस्तावेज़ इस बात को एक बार फिर साबित करता है. खुद कांग्रेस ही अपने प्रतिनिधि पर फैसला नहीं कर पा रही क्योंकि कोई सक्षम नहीं दिख रहा. ऐसे में ये नेता लोगों का नेतृत्व क्या करेंगे. सर्वे में दिखे मानकों के हिसाब से तो कांग्रेस को लोगों के काम या विकास से कोई मतलब नहीं है, ऐसा ही प्रतीत हो रहा है. वहीँ इन सभी फैक्टर में शिवराज सिंह आगे निकलते दिखाई दे रहे हैं. कोई भी कांग्रेसी नेता शिवराज सिंह के स्कोर के आसपास भी भटकता नही दिखाई दे रहा है .जैसा कि अन्य सर्वे में भी सामने आ चुका है कि शिवराज सिंह चौहान ही दोबारा मुख्यमंत्री बन सकते है.