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चीन और पाकिस्तान की अब खैर नहीं, भारतीय सेना में शामिल किए जा रहे हैं ऐसे यंत्र कि…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से पीएम पद की शपथ ली है, तभी से उन्होंने देश को आगे बढ़ाने और विकास की राह पर ले जाने का काम किया है. चाहे देश के निचले तबके को ऊपर बढ़ाना हो या फिर गरीब और किसानों की भलाई के लिए काम करना हो, हर मामले में पीएम मोदी ने ये साबित किया है कि, वो पिछले की सरकार से बहुत ही ज्यादा बेहतर हैं. ना सिर्फ देश की जनता के लिए काम किए गए हैं, बल्कि भारतीय सेना को भी मजबूती पहुंचाने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए गए हैं. आज भारतीय सेना विश्व की सबसे दमदार सेनाओं में से एक है. अब इसे और दमदार बनाने के लिए पीएम मोदी की सरकार ने एक और कदम उठाया है.

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पाकिस्तान और चीन से निपटने के लिए इन देशों से लिए जा रहे हैं आधुनिक यंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए दिन अलग-अलग देशों की यात्रा पर जाते रहते हैं और उनका मुख्य मकसद होता है, अलग-अलग देशों से अच्छे संबंध बनाए जाए और उनसे सहायता लिया जाए. पीएम मोदी के इन प्रयासों के बाद अब भारतीय सेना में स्विट्जरलैंड, रूस, इजरायल, साउथ अफ्रीका और कनाडा के कुछ ऐसे आधुनिक यंत्र शामिल किए जा रहे हैं, जिसके बाद हमारे दुश्मन देश चीन और पाकिस्तान की अब खैर नहीं होगी.

दरअसल, आए दिन चीनी सेना और पाकिस्तानी बॉर्डर से आतंकवादी भारतीय सीमा पर घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं. लेकिन, अब जब भारतीय सेना के बेड़े में आधुनिक यंत्र शामिल हो जाएंगे, तो हमारे पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की हिम्मत नहीं होगी की वो सीमा पार करने की कोशिश भी करें.

जम्मू-कश्मीर की हालात को देखते हुए ये आधुनिक यंत्र होंगे कारगर साबित

खासकर पाकिस्तान से सटे जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने काफी ज्यादा उत्पात मचाया है और वो आए दिन छिपकर हमला करने की फिराक में रहते हैं. तो ऐसे में राज्य में भारतीय सेना को मजबूती पहुंचाने के लिए बैटलफील्ड सर्वेलांस रडार, ऑब्जर्वेशन सिस्टम लोरोस लांग रेंज रिकांसांस और मानवरहित विमान यूएवी को शामिल किया गया है. इसके साथ ही अगर कोई भारतीय सीमा के अंदर घुसपैठ करने की कोशिश करेगा तो उसके लिए थर्मल इमेजिंग इंटेंसीफिकेशन ऑब्जर्वेशन इक्यूपमेंट और नाईट विजन हैंड हेल्ड थर्मल इमेजर को तैनात किया गया है, जो उनकी कोशिशों को नाकाम करेगा.

छिपकर वार करने वाले दुश्मनों को मार गिराने के लिए भारतीय सेना के पास होगा ये

इसके साथ ही, अगर कोई हमारा दुश्मन सीमा पार से छिपकर भारतीय सेना पर निशाना साधने की कोशिश करेगा, तो उसके लिए भारतीय सेना के बेड़े में साउथ अफ्रीका में बनी एंटी मैटीरियल राइफल्स को शामिल किया गया है. इस राइफल की खासियत है कि, ये ना सिर्फ लंबी दूरी तक मार करती है बल्कि, इसका निशाना भी बहुत ही ज्यादा सटीक होता है, जिससे दुश्मनों का बच पाना काफी ज्यादा मुश्किल है.

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जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाया है और वो अधिकतर छिपकर वार करते हैं. तो इसे देखते हुए भारतीय सेना को एंटी मैटीरियल राइफल्स दिए गए हैं. यह राइफल स्नाइपर गन का ही एक पार्ट है, जिस पर लगी दूरबीन की मदद से सेना किसी भी आतंकी को मार गिराने में सक्षम होगी. पहले भारतीय सेना के पास आम स्नाइपर गन थे लेकिन, कड़ी चुनौती से निपटने के लिए एएमआर राइफलों की संख्या को बढ़ाया गया है.

ब्रिटेन से मिलेगा ये आधुनिक यंत्र

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जम्मू-कश्मीर में आतंकी कई बार जमीन के अंदर आइईडी छिपा देते हैं, जिसे ऐसे खोज पाना बहुत ही मुश्किल होता है. तो इसे देखते हुए भारतीय सेना को ब्रिटेन में निर्मित नान लीनियर जंक्शन डिटेक्टर दिए जा रहे हैं, जिसकी मदद से सवा फुट तक छिपाई गई आइईडी को आसानी से खोजा जा सकता है. इसके साथ ही अगर किसी आइईडी को साढ़े तीन मीटर तक जमीन के अंदर छिपाया गया है तो उसे भारतीय सेना का आइईडी रिमोट ब्हील बेरो आसानी से बाहर निकाल सकता है. इस आधुनिक यंत्र में एक्सरे किट, हैंड कंट्रोलर, टेलीस्पोपिक बूम और शॉट गन ब्रेकेट भी लगाए गए हैं.

कनाडा से मिलेगा ये आधुनिक यंत्र

जम्मू-कश्मीर में बम निरोधक दस्ते को बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. इनकी चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना को कनाडा में बने ईओडी-7बी बम सूट दिए गए हैं. इस सूट का वजन 40 किलोग्राम है और ये चार फुट की दूरी पर तीन सौ ग्राम के विस्फोट से बचा पाने में कामयाब होगा. इसके साथ ही अगर किसी विस्फोट के बाद 1500 किलोमीटर प्रति घंटे से टुकड़े आ रहे हो तो उससे भी ये सूट बम निरोधक दस्ते को बचा सकता है.

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