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‘रॉफेल डील’ खुलासे के बाद अब कांग्रेस की पूर्व सरकार पर एक और बड़ा खुलासा, कांग्रेस की सरकार ने…

कांग्रेस सरकार द्वारा ‘रॉफेल डील’ समझौता औने-पौने दाम में किए जाने के रिपब्लिक टीवी के खुलासे के बाद अब कैग ने एक और बड़ा खुलासा किया है. कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि कांग्रेस की सरकार द्वारा 2009 में एक रक्षा सौदे मेें गंभीर अनियमितता की गई. रिपोर्ट के अनुसार सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम पी-8आई टोही विमानों की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई. मनमोहन सिंह की सरकार के दौरान किए गए इस रक्षा सौदे में अनियमितता उजागर होने के बाद राहुल गांधी सहित कांग्रेस की जमकर फजीहत होने वाली है. आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला.

पी-8आई टोही विमान: (Image Source-samacharjagat)

कांग्रेस की सरकार ने जानबूझकर बढ़ा दी विमानों की कीमत

मनमोहन सिंह की सरकार ने वर्ष 2009 में भारतीय नौसेना के लिए विमानों की खरीद में गंभीर अनियमितता बरती. कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि विमानों की खरीद में स्पेनिश कंपनी के मुकाबले अमेरिकी कंपनी बोइंग के पी-8आई विमान को जानबूझकर सस्ता दिखाया गया. जिससे कि अमेरिकी कंपनी बोइंग को हजारों करोड़ रुपये मूल्य के इस रक्षा सौदे का ठेका मिल सके. आपको बता दें कि मनमोहन सिंह की सरकार ने साल 2009 में बोइंग कंपनी के साथ 8 पी-8आई विमान खरीदने का समझौता किया था.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह: (Image Source-timesnow)

क्या है मामला

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ( CAG) ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हुए एक और घोटाले को उजागर किया है. इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि कैसे भारतीय नौसेना बेड़े के लिए टोही विमान खरीदने में अनियमितता की गई. दरअसल तत्कालीन यूपीए सरकार ने अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से पनडुब्बी और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम पी-8आई विमानों को खरीदने का समझौता किया था.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी: (Image Source-sthindia)

यह रक्षा सौदा 2.1 बिलियन डॉलर यानि की करीब 14417 करोड़ रुपये में हुआ था. वर्ष 2015 में सभी विमानों की आपूर्ति भी हो गई थी.  लेकिन इस समझौते के लिए स्पेन की रक्षा कंपनी ईएडीएस-सीएएसए के विमान की कीमत को सरकार ने जानबूझकर बढ़ा चढ़ा कर पेश किया, ताकि अमेरिकी विमान कंपनी को इसका ठेका मिल सके.

कैसे स्पेनिश कंपनी यूपीए की सरकार ने इस सौदे से बाहर किया 

कैग ने कांग्रेस की सरकार के समय रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए कार्य पर गंभीर सवाल उठाये हैं. रिपोर्ट के अनुसार स्पेनिश रक्षा कंपनी EADS- CASA  के लिए 20 साल के प्रोडक्ट सपोर्ट की कीमत भी जोड़ दी गई जिससे कि प्रति विमान की कीमत काफी ज्यादा हो गई और इस तरह यह ठेका अमेरिकी कंपनी बोइंग को दे दिया गया.

स्पेनिश विमान EADS-CASA: (Image Source-Jansatta)

 

हालांकि बोइंग के साथ प्रोडक्ट सपोर्ट को लेकर उस समय कोई बात नही की गई लेकिन बाद में बोइंग ने प्रोडक्ट सपोर्ट के लिए अलग से करार किया. सीएजी ने इस प्रक्रिया को गलत करार दिया है.

आपको बता दें कि नौसेना के बेड़े में इस समय 12 पी-8आई विमान है और अगले दशक तक 24 पी-8आई विमानों का एक बेड़ा तैयार करने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है.

आपसे एक सीधा सवाल

रॉफेल के बाद अब इस खुलासे से कांग्रेस को कितना नुकसान होगा?

News Source-Jansatta