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मोहन भागवत की टोपी पहने हुए तस्वीर हो रही है वायरल मगर इसके पीछे की सच्चाई आपके होश उड़ा देगी

अगले साल 2019 में लोकसभा के चुनाव होने जा रहे है मगर इनको लेकर तैयारी में अभी से सारी पार्टीयां जुट चुकी है| एक तरफ भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अध्यक्ष अमित शाह चार साल के अपने कार्यकाल में क्या-क्या काम हुए उसे लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे है| दूसरी तरफ कांग्रेस के साथ लगभग सभी विपक्षी पार्टीयों ने हाथ मिला लिया है और मोदी को रोकने की कोशिश जारी है|

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इन चुनावों के लिए जंग धमाकेदार होने जा रही है और इस जंग में सोशल मीडिया का भी एक महत्वपूर्ण स्थान होगा|

अभी हाल ही में हमने देखा कि कैसे सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक फेक तस्वीर वायरल की जा रही है जिसमें वे मस्जिद में बाकी लोगों के साथ दुआ करते हुए दिखाए जा रहे है जैसे कि मुसलमान नमाज़ के दौरान करते है| देखिये तस्वीर को नीचे..

इस तस्वीर को गौर से देखने पर यह साफ़ हो जाता है कि यह तस्वीर फोटोशॉप की गयी है और यह तस्वीर असली नहीं है| दाहिने तरफ की तस्वीर असली तस्वीर है जिसके साथ छेड़छाड़ कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गयी है| लाल घेरे में आप देख सकते है कि इस तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गयी है और यह फेक है| यह पीएम मोदी के खिलाफ रची गयी एक साज़िश है मगर इसका पर्दाफाश हो गया है|

इस तस्वीर के ज़रिये कुछ तत्व ये जताना चाहते है कि पीएम मोदी इस बार मस्जिद में जाकर दुआ करने लगे ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को लुभा सके और उन्हें उनसे वोट मिल सके| तस्वीर का मकसद मोदी के हिन्दू समर्थकों को भड़काकर अशांति पैदा करना भी हो सकता है और आने वाले चुनावों को दिमाग में रखते हुए यह एक लंबी साज़िश भी हो सकती है|

इसी तरह अब RSS के प्रमुख मोहन भागवत को बदनाम करने के लिए एक अभियान सा चलाया जा रहा है| मोहन भागवत की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है जिसमे वे एक जालीदार टोपी पहने हुए दिखाए दे रहे है जो अक्सर मुसलमान ही पहनते है|

देखिये तस्वीर –

इस तस्वीर को NDTV पत्रकार रविश कुमार के एक फेन पेज ने शेयर किया है| रविश कुमार नरेन्द्र मोदी, RSS और भाजपा के धुर विरोधी माने जाते है मगर इस पेज के साथ उनके संबंध की कोई पुष्टि नहीं की गयी है|

आइये अब आपको बताते है वायरल हो रही इस तस्वीर के पीछे की सच्चाई..

ये रही मोहन भागवत की असली तस्वीर जिसे मोदीजी की पिछली तस्वीर की तरह फोटोशॉप किया गया है| भागवत ने आज तक ऐसी टोपी कभी नहीं पहनी और इस फेक तस्वीर का मकसद एक बार फिर लोगों को गुमराह कर उन्हें भड़काने का दिखाई पड़ रहा है|

खुद RSS के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने इस फेक तस्वीर के बारे में ट्वीट कर लोगों को जागृत भी किया है| 

आप भी ऐसी साजिशों के शिकार ना बने और इसे शेयर करें ताकि यह हर एक तक पहुंचे और लोग गुमराह होने से बच जाए|